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भारतीय जीवन-मूल्यों की स्वीकार्यता निरंतर बढ़ रही है – प्रमुख संचालिका शांता कुमारी जी

राष्ट्र सेविका समिति के प्रवीण शिक्षा वर्ग का समापन समारोह

By वीएसके डेस्क June 24, 2026
समाचार › संघ व विविध संगठन
भारतीय जीवन-मूल्यों की स्वीकार्यता निरंतर बढ़ रही है – प्रमुख संचालिका शांता कुमारी जी
नागपुर। रेशिमबाग में गत 8 जून से चल रहे राष्ट्र सेविका समिति के प्रवीण शिक्षा वर्ग का समापन समारोह 23 जून शाम को सुरेश भट्ट सभागार में हुआ। समारोप भाषण में राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख संचालिका शांता कुमारी जी ने कहा कि विश्व भारत को केवल आर्थिक शक्ति के रूप में नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक नेतृत्व देने वाले राष्ट्र के रूप में देख रहा है। नमस्कार, योग, वसुधैव कुटुम्बकम् जैसे भारतीय विचार विश्व को आकर्षित कर रहे हैं। भारतीय जीवन-मूल्यों की स्वीकार्यता निरंतर बढ़ रही है। विश्व में नेतृत्व और वर्चस्व की होड़ के कारण संघर्ष और हिंसा बढ़ रही है। लाखों लोग युद्धों का शिकार हो रहे हैं। ऐसे समय में हिन्दू जीवन-दृष्टि विश्व को शांति, समन्वय और सहअस्तित्व का मार्ग दिखा सकती है। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के नाते सर्वोच्च न्यायलय की अधिवक्ता महामाया चटर्जी जी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में शिक्षार्थियों ने दंड, यष्टि, नियुद्ध, योग, तथा लेज़िम जैसे विविध शारीरिक विषय एवं अलग-अलग तरह के घोष वाद्यों का वादन कर मानवंदना की। वर्ग में भारत के 27 प्रांतों और नेपाल से आयी कुल 112 कार्यकर्ता बहनों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। शिक्षार्थियों में डॉक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता, पीएचडी, शिक्षक, प्रशासनिक कर्मचारी, निजी क्षेत्र में कार्यरत, गृहिणी और विद्यार्थी शामिल रहीं।
भारतीय जीवन-मूल्यों की स्वीकार्यता निरंतर बढ़ रही है – प्रमुख संचालिका शांता कुमारी जी

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