Breaking News
VSK Foundation Jaipur Logo - विश्व संवाद केंद्र जयपुर
विश्व संवाद केंद्र, जयपुर ( VSK Foundation Jaipur )

हमारी एकता एवं एकात्मता विश्व बन्धुता के संरक्षण व संवर्धन का आधार है - सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले

By वीएसके डेस्क August 28, 2026
समाचार › देश-विशेष
हमारी एकता एवं एकात्मता विश्व बन्धुता के संरक्षण व संवर्धन का आधार है - सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले
काशी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ काशी मध्य के तिलक नगर में रक्षाबन्धन उत्सव में सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि हमारी एकता एवं एकात्मता विश्व बन्धुता के संरक्षण और संवर्धन का आधार है। न्यायोचित मार्ग पर चलते हुए बन्धुता को आधार बनाकर स्वतंत्रता और समानता की रक्षा करने के लिए भारत ने सामाजिक समरसता को अंगीकार किया है। सिगरा स्थित डॉ. सम्पूर्णानन्द स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में उपस्थित स्वयंसेवकों एवं मातृशक्ति से कहा कि योग वशिष्ठ के एक श्लोक के अनुसार ऐसे लोग जो हमारे बन्धु नहीं हैं, उनसे प्रतिदिन मिलने से निकटता बढ़ती है और वह हमारे बन्धु बन जाते हैं। जबकि निकटता के अभ्यास को छोड़ने से बन्धुता का स्नेह बन्धन छूट जाता है। संघ में भी अपरिचित को परिचित एवं परिचित को मित्र बनाने की परम्परा रही है। स्वतंत्रता, समानता एवं बन्धुता, इन तीनों अवधारणाओं को विश्व के अनेक देशों ने अलग-अलग रूपों में स्वीकार किया है। ऐसे राष्ट्र जहां केवल स्वतंत्रता को महत्व दिया गया, वहां स्वच्छंदता व्याप्त हो गयी। जबकि सोवियत रूस जैसे देश ने समानता को वरीयता दी, यह विचार भी टिक नहीं पाया। भारतीय संस्कृति में बन्धुता को स्वतंत्रता और समानता के साथ जोड़ा गया है। इन तीनों तत्वों का मूलाधार सामाजिक समरसता है। सरकार्यवाह जी ने कहा कि हिन्दू संस्कृति में सम्पूर्ण विश्व को एक कुटुम्ब स्वीकार किया गया है। मैं और समस्त जीव एक ही परमात्मा के अंश हैं, उदार चरित के साथ इस भावना को स्वीकार करना चाहिए। सम्बन्धों के मध्य अविश्वास, रक्षाबन्धन के स्नेहसूत्र को कमजोर करते हैं। आपस में बंटने पर विरोधी पक्ष को उसका लाभ मिलता है। जब हम सभी विश्व बंधुत्व की चर्चा करते हैं तो उसका मूलाधार भविष्य पुराण का श्लोक – ''येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वामभिबन्धामि रक्षे मा चल मा चल॥'' जिसका अर्थ है कि जिस प्रकार राजा बलि को स्नेह बन्धन में बांधा गया, उसी प्रकार मैं भी आपको स्नेह बन्धन में बांधता हूं। यह बन्धन स्थिर रहे। वर्तमान में परिवार और समाज में जो अस्थिरता उत्पन्न हो गयी है, उसका कारण स्वार्थ है। मनुष्य के अन्दर स्वार्थ विकार के रूप में नहीं आना चाहिए। कार्यक्रम के प्रारम्भ में सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी, काशी मध्य के संघचालक डॉ. हेमन्त गुप्त जी, तिलक नगर के नगर संघचालक प्रदीप जी ने भगवा ध्वज को रक्षा सूत्र बांधा।
हमारी एकता एवं एकात्मता विश्व बन्धुता के संरक्षण व संवर्धन का आधार है - सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले

नेपाल प्राकृतिक आपदा पीड़ितों के प्रति श्रद्धांजलि

दो दिन पूर्व नेपाल के बाढ़ आपदा में मृतक जनमानस के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने पूरे संघ परिवार की ओर से श्रद्धांजलि निवेदित की। उन्होंने कहा कि जो बन्धु इस आपदा में संकटग्रस्त हुए हैं, संघ परिवार उनके प्रति भी अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता है।

Related Articles

पोकरण में आज से ‘ड्रोनथॉन-2026’, युद्धक्षेत्र में परखी जाएगी स्वदेशी ड्रोन तकनीक

60 से अधिक रक्षा कंपनियां लेंगी हिस्सा; तेज गर्मी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में ड्रोन व काउंटर-ड्रोन प्रणालियों का होगा लाइव परीक्षण

Sep 14, 2026

विद्या भारती की अखिल भारतीय कार्यकारिणी बैठक शुरू, शिक्षा में भारतीय दृष्टि और राष्ट्रभाव पर जोर

विद्या भारती की अखिल भारतीय कार्यकारिणी बैठक शुरू, शिक्षा में भारतीय दृष्टि और राष्ट्रभाव पर जोर

Sep 11, 2026

'एक राष्ट्र, एक पाठ्यक्रम' ढांचे के तहत संबद्ध और स्वास्थ्य सेवा पाठ्यक्रमों में एकरूपता लाने के लिए यूजीसी की अधिसूचना जारी

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने संबद्ध एवं स्वास्थ्य सेवा शिक्षा एवं व्यावसायिक मानकों को सुदृढ़ किया; यूजीसी ने एनसीएएचपी नियामक ढांचे के अंतर्गत 33 नई अवर स्नातक एवं स्नातकोत्तर डिग्री अधिसूचित की और 21 का पुनर्गठन किया

Sep 05, 2026

सभी राष्ट्र आगे बढ़ें, समृद्ध हों और मानव प्रगति में योगदान दें—यही हिंदुओं का स्वप्न है।

‘Hindu Vishwa Bandhu: Embrace the World in Friendship’ कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का संबोधन

Aug 31, 2026